Bonus Share क्या होता है? जानिए बोनस शेयर के 7 फायदे

Bonus Share in Hindi: वर्तमान समय में अगर हम किसी भी कंपनी में निवेश करते है, और वह कंपनी अपने Shares हमें मुफ्त में दे तो हमें कैसा लगेगा? इसी के साथ ही उन Free Shares से हमें अच्छा Profit हो तो हमें आनंद की आ जाएगा।

जी हां, दोस्तों काफी बार Stock Market में कंपनियां अपने Shareholders को फ्री में Shares दे देती है, तो उन शेयर्स को Bonus Shares कहां जाता है।

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इस लेख में हम यही जानेंगे कि बोनस शेयर क्या होता है, Bonus Share कैसे मिलता है और बोनस शेयर की गणना कैसे की जाती है, कंपनियां बोनस शेयर क्यों जारी करती है, बोनस शेयर की शर्तें और बोनस शेयर के फायदे और नुकसान। इससे सम्बंधित जानकारी को हासिल करने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें।

Bonus Share क्या है?

Bonus Share उन शेयरधारक (Shareholder) को दिए जाते हैं। जो कंपनी के Long-Term शेयरधारक होते है या पहले से ही कंपनी के Shares लिए होते है। अगर हम केवल Bonus की बात करें तो यह एक तरह का Extra Share होता है। जिसे कंपनी के द्वारा शेयर होल्डर्स को मुफ्त में दिया जाता है।

जब एक कंपनी हर साल लाभ कमाती है, तो उससे कंपनी की Retained Earning बढ़ती जाती है और जब कंपनी को लगता है कि उसकी Retained Earning ज्यादा बढ़ गई है। उस समय कंपनी अपने Retained earning के कुछ राशी को शेयर्स में बदल कर अपने Shareholder के बीच में बांट देती है। इन्हीं Shares को ही Bonus Share कहा जाता है

जिस समय कंपनी Bonus Shares की घोषणा करती है। तब वह EX-Bonus Date और रिकॉर्ड डेट अनाउंस करती है। अब आपको यह तो समझ ही गया होगा कि Bonus Share क्या है? तो चलिए अब हम जानते हैं कि Record Date, Announce Date और Ex-Date क्या है?

Record Date क्या है?

जब एक कंपनी Corporate action के लिए अपने रिकॉर्ड की जाँच करती है, उसके बाद अपने सभी पात्र शेयरधारक की पहचान कर Bonus Share देती है, तो उसे Record Date कहते है।

EX- Date क्या है?

जिस Date को Stock Corporate action के फायदे के बिना Trading करता है, मतलब की Ex-Benefit तब उसे Ex-Date के रूप में जाना जाता है। और EX-Date, Record Date से 2 दिन पहले होता है।

Bonus Share किसे मिलता है?

ऐसे शेयरधारक जो कि Record Date से पहले कंपनी के शेयर्स के मालिक हैं और कंपनी के द्वारा निर्धारित Ex-date Bonus Shares के लिए योग्य है। भारत में शेयर्स की डिलीवरी के लिए T+2 Railing System का इस्तेमाल किया जाता है।

जिसमें Ex-Date, Record Date से 2 दिन पहले होता है। Shares को Ex-date से पहले ही खरीदा जाना चाहिए। क्योंकि अगर कोई भी निवेशक Ex-Date पर Shares को खरीदा है।

तो उन्हें निर्धारित Record Date से दिए गए सभी Shares के शेयर होल्डर्स और इसी कारण से  वह Bonus Shares के लिए योग्य नहीं होंगे।

एक बार Bonus Shares के लिए एक नई IASIN (International Securities Identification Numbering System) आवंटित की जाती है। जोकि Bonus Shares को 15 दिनों के अंदर शेयरधारक के Demat Account में जमा किया जाता है।

Bonus Share की Calculation कैसे कि जाति है?

जैसा कि हमने आपको ऊपर भी अच्छे से बताया कि मौजूदा Shareholders को कंपनी में उनकी देनदारी के आधार पर Bonus Share दिए जाते हैं। तो चलिए उदाहरण की सहायता से और अच्छे से जानते हैं कि बोनस शेयर की गणना कैसे जाती है।

मान लीजिए Bonus जारी करने के लिए प्रत्येक Shareholder को जारी करने से पहले उनके द्वारा रखे गए प्रत्येक दो के लिए तीन Shares रखने की अनुमति देता है। जैसे कि 1000 shares वाले एक शेयरधारक 1500 Bonus Share प्राप्त करता है। जैसे-

(1000 × 3/2 = 1500)

Companies Bonus Share क्यों जारी करती है?

अब हम यह जानते हैं कि कंपनिया बोनस शेयर क्यों जारी करती है। तो ऐसा कंपनियां इस लिए करती है, क्योंकि कंपनी जब लाभ कमाती है और उसके बाद भी उसके पास अपने Shareholders को लाभांश (Dividend) देने के लिए पैसे नहीं होते।

तब ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के लिए कंपनिया Dividend ना देकर अपने मौजूदा शेयरधारक के लिए Bonus Share को जारी करती है, ताकि मौजूद Shareholders को उनके मौजूदा Holding के आधार पर उन्हें Bonus Share जारी कर सके।

कंपनी के शेयरहोल्डर्स को जिस समय Bonus Share जारी किया जाता है, उस समय उसे Profit Capitalization भी कहा जाता है, क्योंकि यह कंपनी के कुल लाभ में से Shareholders को दिया जाता है। 

Bonus Share जारी करने की शर्तें

एक कंपनी को Bonus Share जारी करने के लिए कुछ शर्तो को पूरा करना होता है। आपको Bonus Shares पात्रता के लिए कंपनी के Shares को Demat Account मे रखना होता है।

 तो चलिए हम जानते हैं बोनस शेयर जारी करने की शर्ते क्या है-

  • कंपनी बोनस शेयर को अपने बनाये पालिसी के आधार पर जारी करना होता है।
  • कैपिटल नियंत्रक को इस मुद्दे में आने वाली समस्याओं को हल करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
  • बोनस शेयरों को जारी करने से पहले, उसे कंपनी निदेशक मंडल के पास भेजना चाहिए, इसके बाद कंपनी के शेयरधारकों की सहायता से इसे स्वीकृत किया जाना चाहिए।

बोनस शेयर के 7 फायदे (7 Advantages of Bonus Share)

अब आप यह समझ गए होंगे कि बोनस शेयर क्या है, तो चलिए अब इसके मुख्य बोनस शेयर के 7 फायदे के बारे में भी जान लेते हैं।

  • बोनस शेयर प्राप्त करने पर निवेशकों को किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता है।
  • बोनस शेयर कंपनी के दीर्घकालीन शेयरधारकों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं।
  • Bonus Share कंपनी के मालिक और निवेशको में विश्वास को बढ़ाते हैं। क्योंकि Cash का उपयोग कर कंपनी अपने व्यवसाय को और अधिक बढ़ाने लिए किया जाता है।
  • जब कंपनी भविष्य में Dividend की घोषणा करती है, तो निवेशक अधिक लाभांश प्राप्त कर पाते हैं क्योंकि इस दौरान निवेशको के पास कंपनी के बड़ी संख्या में Share होते हैं।
  • बोनस शेयरों की मदद से बाजार में सकारात्मक संकेत मिल रहा है कि कंपनी लंबी अवधि के फायदे के लिए जानी जाती है।
  • बोनस शेयर बकाया शेयरों को बढ़ाते हैं जिससे स्टॉक की Liquidity बढ़ जाती है।
  • शेयर पूँजी बढ़ने की वजह से कंपनी के आकार की धारणा भी बढ़ती है। 

Bonus Share के नुकसान (Disadvantage of Bonus Share)

Bonus Shares के फायदों के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी होते हैं, तो चलिए जानते हैं बोनस शेयर के नुकसान क्या है-

  • Bonus Shares को जारी करना Dividend की घोषणा के तुलना में महंगा होता है। जोकि कंपनी के Capital Stock का इस्तेमाल करता है।
  • कंपनी को बोनस शेयर्स जारी पर कोई भी अतिरिक्त आय प्राप्त नहीं होती है।
  • अतरिक्त शेयर प्रति शेयर आय को कम करते हैं जो कि निवेशको को निराश कर सकता है, इसकी वजह से Stock की खरीददार कम हो सकते हैं।
  • अगर कंपनी की बात की जाए, तो कंपनी को Bonus Share से किसी भी प्रकार से Cash नहीं मिलता है।
Video: True Investing

FAQ: What is Bonus Share in Hindi

बोनस शेयरों के लिए कौन पात्र है?

वे शेयरधारक जिनके पास पूर्व-तिथि और रिकॉर्ड तिथि से पहले कंपनी के शेयर हैं, वे बोनस शेयरों के लिए पात्र हैं।

बोनस शेयर देने से कंपनी को क्या फायदा होता है?

बोनस शेयर कंपनी के दीर्घकालीन शेयरधारक के लिए फायदेमंद होता है जो निवेश को बढ़ाना चाहते हैं। कंपनी निवेशको को बोनस शेयर देकर विश्वास को बढाती है और नगदी का इस्तेमाल व्यवसाय को और अधिक बढ़ाने के लिए करती है।

कंपनी बोनस शेयर क्यों देती है?

जब किसी कंपनी को नगदी में लाभांश का भुगतान करने में असमर्थ होती है तब कंपनी अपने शेयरधारको को नगद में भुगतान करने की वजह बोनस शेयर जारी करती है।

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निष्कर्ष: बोनस शेयर क्या होता है।

उम्मीद करते है आपको बोनस शेयर क्या है के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी, यदि आपको यह लेख पसंद आये तो इस लेख को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो किसी कंपनी के शेयर खरीदना चाहते है।

नमस्ते! मेरा नाम सोनू सिंह है और इस Best Hindi Blog पर अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से Blogging, Earn Money, बैंकिंग, इंटरनेट, टेक्नोलॉजी आदि से संबंधित उपयोगी और मददगार जानकारी शेयर करता हूं। साथ ही मैं WeKens.com का Founder भी हूं। हमारे ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद!

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