e-Payment क्या हैं? | Electronic Payment के लाभ और हानि क्या है?| पूरी जानकारी

दोस्तों, इस ब्लॉग लेख में हम जानेंगे कि e-Payment क्या है? e-Payment प्रणाली का प्रकार क्या है? साथ ही, हम जानेंगे कि ई-पेमेंट के क्या लाभ और नुकसान हैं। और e-Payment का पूर्ण रूप (Full-Form) क्या है? आप जिन eCommerce websites से Shopping करते है या POS Machine का उपयोग करते है उन सभी में e Payment की सुविधा उपलब्ध होती है। यदि आप e-Payment System से संबंधित सभी जानकारी चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

बदलती तकनीक (Technology) की दुनिया में, लगभग सभी काम इंटरनेट (Internet) के माध्यम से किए जा रहे हैं, चाहे हम बैंकिंग सेवाओं (Banking Services) का लाभ उठाना चाहते हैं या घर बैठे ऑनलाइन खरीदारी (Online Shopping) करना चाहते हैं, या फिर Bus, Train, Aeroplan Ticket Book करना चाहते है, इन सभी ऑनलाइन सेवाओं में, हमें ई-भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

आपने जिन eCommerce इसलिए हमें ई-भुगतान की प्रक्रिया को समझाना बहुत जरूरी हो जाता है।

e-Payment का फुल फॉर्म क्या है?

ई-पेमेंट (e-payment) का Full Form “इलेक्ट्रॉनिक भुगतान“(Electronic पेमेंट) है। जिसका हिंदी अर्थ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान है। और आज की भाषा में हम इसे ऑनलाइन पेमेंट (Online Payment) भी कहते है।

चलिए हम जानते है Electronic Payment Kise Kahte Hai?

e-Payment किसे कहते है? (Electronic Payment Kise Kahte Hain?)

e-Payment नकद या बैंक चेक का उपयोग किए बिना लेन-देन या वस्तुओं और सेवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक या Internet के माध्यम से भुगतान करने की प्रक्रिया को e-Payment या Electronic Payment कहा जाता है। इसे हम साधारण भाषा में Online Payment System भी कहते है।

E-payment at the shopping time

एक Electronic Payment System कैसे कार्य करता है या इसके Component क्या है चलिए जानते है।

Electronic Payment Component क्या है?

इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में कार्य करने वाली घटक (Component) मुख्य रूप से प्रकार से होते है जो निम्न है।

Buyers (खरीददार)

एक उपभोक्ता जो ऑनलाइन सामान या सेवा खरीदता है। और अपने Debit या Credit से भुगतान करता है।
Seller / Merchant (विक्रेता /व्यापारी)

एक विक्रेता या व्यवसायी वह है जो किसी उपभोक्ता को सामान या सेवाएं बेचता है। और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पैसा लेता है।

Payment Gateway (अदायगी रास्ता)

Payment Gateway वह तरीका है जिसके माध्यम से, एक विक्रेता या व्यापारी उपभोक्ता को बेचे जाने वाले सामान या सेवाओं के बदले भुगतान लेता है। जैसे- UPI, BHIM , Debit Card, Credit Card, आदि।


Buyers Bank (खरीदार बैंक)

एक बैंक या वित्तीय संस्थान जो अपने ग्राहक को डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड जारी करता है। और जब भी कोई खरीदार ली गई सेवा के बदले विक्रेता को कार्ड के माध्यम से भुगतान करता है, तो उसे उसके बैंक खाते से काट लिया जाता है।

Sellers Bank (विक्रेता बैंक)

एक बैंक खाता जिसमें एक विक्रेता या व्यवसायी किसी उपभोक्ता से उसके सामान या सेवाओं के बदले इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्राप्त करता है।

इसके बाद हम जानेंगे इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की विधि क्या है या तरीके क्या है। चलिए जानते है।

Electronic Payment Process क्या है?

E-Payment Process एक कम्प्यूटरीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली द्वारा बहुत जटिल और सुरक्षित प्रक्रिया के साथ विकसित की गई है। जिसे हम नीचे दिए गए कुछ सरल चरणों द्वारा समझेंगे।

E-Payment Action by Consumer

एक उपभोक्ता (Consumer) को ई-कॉमर्स वेबसाइट से खरीदारी या सेवा प्राप्त करने के लिए ई-भुगतान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भुगतान करने के कई तरीके उपलब्ध होते हैं। जब उपभोक्ता दिए गए ई-भुगतान विधियों में से किसी एक का चयन करता है तो, यह उपभोक्ता का e-भुगतान का पहला चरण होता है।

यदि उपभोक्ता पेमेंट करने के लिए डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का विकल्प चुनता है तो उसे पेमेंट फॉर्म में अपने डेबिट कार्ड या क्रेडिट की जानकारी भरनी होती है। जैसे Card Number, Expiry Date, CVV Code, Address)

सभी जानकारी भरने के बाद उपभोक्ता को बैंक की वेबसाइट पर Redirect किया जाता है। इसके बाद e-payment करने के लिए दूसरे Process से गुजरना होता है।

Payment Getaway Authentication

इसके बाद Payment Getaway उपभोक्ता द्वारा दिए गए भुगतान की सभी जानकारी की पुष्टि करता है यदि उपभोक्ता द्वारा भुगतान की जानकारी सही है तो, e-Payment Process जारी रहता है। सफल भुगतान होने के बाद उपभोक्ता को e-Payment का कन्फर्मेशन प्राप्त हो जाता है।

Received Payment in Seller Bank Account

Payment Gateway सर्विस प्रोवाइडर उपभोक्ता के बैंक अकाउंट पैसे मिलने के बाद विक्रेता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता है।

उम्मीद है आपको E-Payment प्रक्रिया समझ आ गयी होगी।

चलिए अब हम जानते है e-payment कितने प्रकार के होते है।

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e-Payment Business Methods क्या है।

बाजार में, हमें कई प्रकार के ई-भुगतान सुविधा देखने को मिलते हैं, जिसके माध्यम से आप आसानी से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान कर सकते हैं। Online Shopping दौरान हमें E-Commerce या E-Business वेबसाइट पर आपको कई प्रकार के e-payment Methods मिल जायेंगे। जिनमें से सबसे लोकप्रिय निम्नलिखित Electronic Payment सुविधा उपलब्ध है।

UPI ( Unified Payment Interface)

UPI का पूरा नाम (Full Form) “Unified Payment Interface” है जिसका हिंदी अर्थ “एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस“. इस प्रकार की ई-भुगतान सेवा का उपयोग करने के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (Virtual Payment Address ) बनाना होता है। इसके बाद आपको इसे अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है।

अपने UPI Address को अपने बैंक से लिंक करने के बाद यह आपका Financial Address बन जाता है। इसके बाद आपको बैंक खाता नंबर, IFSC कोड आदि याद रखने की जरुरत नहीं होती है। बस आपको अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके आप किसी से भुगतान ले सकते है या भुगतान कर सकते है।

BHIM (Bharat Interface For Money)

BHIM का पूरा नाम (Full Form) “Bharat Interface For Money” है, जिसका हिंदी अर्थ “पैसे के लिए भारत इंटरफ़ेस” है। इसकी शुरुवात 1 जनवरी वर्ष 2017 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने की थी। जो की Unified Payment Interface (UPI) से सीधा जुड़ा है।

भारत इंटरफेस फॉर मनी सीधे Aadhaar से जुड़ा हुआ है, जिसमें फिंगरप्रिंट की मदद से ट्रांसफर की सुविधा है। BHIM में वॉलेट की सुविधा नहीं दी गई है, यह सीधे आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है। इसके द्वारा किए गए लेन-देन सीधे आपके बैंक में जमा होते हैं और बैंक खाते से काटे जाते हैं।

VPA (Virtual Payment Address)

VPA का पूरा नाम (Full Form) Virtual Payment Address है। जिसका हिंदी अर्थ है “आभासी भुगतान पता” है। VPA उन उपभोक्ताओं को दिया जाता है जो UPI प्रणाली का इस्तेमाल करते है। इसका इस्तेमाल Financial Transaction किया जाता है, जिसमे बैंक अकाउंट और IFSC कोड की आवश्यकता नहीं होती है। क्योकि VPA बैंक अकाउंट की डिटेल्स को बदल देता है।

VPA और UPI से भुगतान करने की सीमा लगभग 1 लाख तक की है। जो की VPA दिशा निर्देशों के अनुसार बदलती रहती है। कुछ मोबाइल बैंकिंग एप्प ने भुगतान करने सीमा प्रतिदिन के हिसाब से तय कर रखी है।

AePS ( Aadhaar-enabled Payment System)

AEPS का पूरा नाम (Full Form) Aadhaar-enabled Payment System है। जिसका हिंदी अर्थ है “आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली” है। AePS, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित किया गया एक सिस्टम है जो Aadhaar Number, Fingerprint और Eye Scan की मदद से वैरिफिकेशन करके Micro-ATM द्वारा Financial Transaction करने  की अनुमति प्रदान करता है।

यह मुख्यतः चार प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं की अनुमति प्रदान करता है। जैसे- Bank Balance Enquiry, Cash Deposit, Cash Withdrawal, और Aadhaar से Aadhaar Fund Transfer

Mobile e-Wallet

Mobile EWallet का पूरा नाम (Full Form) Mobile Electronic Wallet है। जिसका हिंदी अर्थ है “मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक बटुआ” है। इसे साधारण भाषा में हम डिजिटल वॉलेट, मोबाइल वॉलेट या वर्चुअल वॉलेट भी कहते है। मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन सेवाओं (Online Services) के भुगतान के लिए किया जाता है। इसका सबसे अच्छा उदहारण Paytm, Phonepe, Google Pay आदि है।

EFT (Electronic Fund Transfer)

EFT का पूरा नाम (Full Form) Electronic Fund Transfer है। जिसका हिंदी अर्थ है “इलेक्ट्रॉनिक निधी हस्तांतरण” है। EFT Payment System के माध्यम से, धन (Fund) को एक बैंक से दूसरे बैंक में Computer, ATM Machine या Wire Transfer के द्वारा बिना किसी कागजात के भेजते है।

यह पैसे ट्रांसफर करने का बहुत ही सुरक्षित और आसान तरीका है। इस Payment System से पैसे को बहुत ही जल्दी ट्रांसफर किया जा सकता है।

NEFT ( National Electronics Funds Transfer)

NEFT का पूरा नाम (Full Form) National Electronics Funds Transfer है। जिसका हिंदी अर्थ है “राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधी हस्तांतरण” है। NEFT Payment System के माध्यम से, पैसे को एक बैंक से दूसरे बैंक में Mobile, Computer, या ATM Machine के द्वारा आसानी से कर सकते है।

NEFT से भुगतान करने की अधिकतम सीमा लगभग 10 लाख तक है। जो की RBI (Reserve Bank of India) दिशा निर्देशों के अनुसार बदलती रहती है। इसमें सिस्टम में आप कभी भी अपने मोबाइल और कंप्यूटर से पैसे ट्रांसफर कर सकते है।

RTGS (Real-Time Grass Settlement)

RTGS का पूरा नाम (Full Form) Real-Time Grass Settlement है। जिसका हिंदी अर्थ है “वास्तविक समय सकल निपटान” है। RTGS Payment System के द्वारा भुगतान करने या प्राप्त करने की प्रक्रिया बहुत शीघ्र होती है।

इसका संचालन सीधे तौर पर RBI (Reserve Bank of India) द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया से भुगतान करने की सीमा 2 लाख या उससे अधिक है। इसके माध्यम से आप किसी भी बैंक खाते में तुरंत भुगतान कर सकते है।

IMPS (Immediate Payment Service)

IMPS का पूरा नाम (Full Form) Immediate Payment Service है। जिसका हिंदी अर्थ है “तत्काल भुगतान सेवा” है। IMPS एक सुरक्षित और शीघ्र भुगतान प्रणाली है। इसके द्वारा किसी भी व्यक्ति को तत्काल पैसे भेज सकते है। IMPS का संचालन NPCI (National Payment Corporation of India) द्वारा किया जाता है। जो की बैंक ग्राहकों के लिए 24/7 घंटे उपलब्ध है।

Micro-ATM ( Micro Automated teller machine )

Micro-ATM का पूरा नाम (Full Form) Micro Automated teller machine है। जिसका हिंदी अर्थ है “सूक्ष्म स्वचालित टेलर मशीन” है। इसे दुनिया के कुछ चुनिंदा देशो में Cash Point, Cash Machine या ABM (Automatic Banking Machine) के रूप में भी जाना जाता हैं। माइक्रो एटीएम एक कार्ड स्वाइप मशीन है। इसका इंटरफ़ेस मोबाइल की स्क्रीन की तरह होता है। और यह POS Terminal के आधार पर कार्य करती है।

इसका संचालन मुख्य रूप से बैंको के Buyer द्वारा किया जाता है। इसके माध्यम से, बैंक अपने ग्राहकों को आसानी से दूरस्थ स्थानों पर Pepper Less Bank Account, Cash Withdrawal, Cash Deposit, आदि की सुविधा प्रदान करता है।

Internet Banking

इंटरनेट बैंकिंग को हम NET Banking या Online Banking भी कहते है। यह एक Electronic Payment (e-Payment) प्रणाली है। जिसमे बैंक अपने ग्राहकों को Bank Website के माध्यम से Financial Transaction के लिए सुविधा प्रदान करती है। इस सुविधा का उपयोग करके, बैंक ग्राहक आसानी से अपना Bank Balance, Fund Transfer, Fixed Deposit, Bill Payment, Mobile Recharge, Tax Payment, Insurance Payment आदि कर सकते है।

M-Banking (Mobile Banking)

M-Banking का पूरा नाम (Full Form) Mobile Banking है। जिसका हिंदी अर्थ है “चल दूरभाष बैंकिंग” है। मोबाइल बैंकिंग एक बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान द्वारा अपने ग्राहकों को दी जाने वाली सेवा है। जो एक ग्राहक को अपने स्मार्टफोन या टैबलेट की मदद से दूरस्थ स्थान से एक आसान और सुरक्षित तरीके से अपने वित्तीय लेनदेन का संचालन करने की अनुमति देता है।

SMS Banking (Short Message Service Banking)

SMS Banking का पूरा नाम (Full Form) Short Message Service Banking है। जिसका हिंदी अर्थ है “लघु संदेश सेवा बैंकिंग” है। SMS बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग का रूप है। यह बैंको और अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा अपने ग्राहकों दी जाने वाली सुविधा है। इसके माध्यम से बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं अपने ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन सम्बंधित Alert Messages या Notification भेजती है।

Debit Card

Debit Card को प्लास्टिक कार्ड भी कहा जाता है। बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा अपने ग्राहकों को एटीएम से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसके इस्तेमाल से बैंक ग्राहक बिना बैंक गए ही किसी भी दूर स्थित ATM Machine से सरल और सुरक्षित तरीके से पैसे निकाल सकते हैं।

Credit Card

Credit Card दिखने में Debit Card की तरह ही होती है। लेकिन Credit Card का सम्बन्ध Cashless खरीदारी (Shopping) से होता है। बैंको द्वारा अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान की जाती है। जिसमें बैंक ग्राहक को Cashless Shopping के लिए एक निश्चित अवधि के लिए लघु ऋण (Small Loan) देता है। जिसमें कैशलेस शॉपिंग की अधिकतम सीमा और ब्याज (Interest) की दर ऋण वापसी के दिन तक तय की जाती है।

e-Payment के लाभ (Advantage) क्या है?

e-Payment उपयोग करने के कई लाभ (Advantage) है। जो की निम्न है।

  • Paperless work– इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में किसी भी प्रकार के पेपर की जरुरत नहीं होती है। क्योकि इसकी प्रक्रिया डिजिटल होती है।
  • Low Transaction Cost– ऑनलाइन किए जा रहे सभी वित्तीय कार्यों के कारण, बैंक जाने पर होने वाली लेन-देन लागत, चेक बुक खर्च, विवरण व्यय, आदि बहुत ही कम हो गए हैं।
  • Save the Time – आप घर बैठ किसी भी व्यक्ति को E-Payment कर सकते है। आपको बैंक में घंटो लाइन में खड़े होने की जरुरत नहीं है।
  • Multiple Option for Payment– इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय लेनदेन करने के लिए आपके पास कई विकल्प मौजूद है। जैसे – Net Banking, UPI, BHIM, IMPS, m-Wallet, आदि।
  • Low risk and loss– इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में आपको Cash पैसा अपने पास रखने की जरुरत नहीं होती। जिसकी वजह से आपका पैसा चोरी होने का खतरा नहीं होता है। जिसकी वजह से पैसे को सँभालने का कोई risk नहीं होता है।
  • Sale Increase– इलेक्ट्रॉनिक भुगतान होने की वजह से e-commerce व्यवसाय दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह की एक व्यापारी अपना सामान दुनिया में कही भी बेच सकता है और भुगतान प्राप्त कर सकता है। और एक कंस्यूमर दुनिया के किसी भी कोने से घर बैठे सामान मंगवा कर भुगतान कर सकता है।
  • 24/7 Hour Payment Service – e-payment की सुविधा आपको 24 घंटे और 7 दिन मिलती है। जबकि बैंक की सुविधा दिन में 8 घंटे और सप्ताह में केवल 6 दिन मिलती है।
  • Easy तो Pay Small Payment– इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सुविधा में आप छोटे-छोटे पेमेंट UPI, BHIM, Google Pay आदि के माध्यम से आसानी से भुगतान कर सकते है। इसकी वजह से खुल्ले पैसो की समस्या ख़त्म हो गयी है।

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e-Payment के नुकसान (Disadvantage) क्या है?

हम मानते है की Electronic Payment फायदें बहुत है। लेकिन इसके कुछ नुकसान भी है जिसे हम अनदेखा नहीं कर सकते है। चलिए जानते है इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के नुकसान (Disadvantage) क्या है।

  • इलेक्ट्रॉनिक भुगतान करते समय आपको बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है। क्योंकि कई बार हम ऐसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का चयन करते हैं जहां धोखाधड़ी की संभावना होती है। जिसकी वजह से हमारा सारा पैसा मिनटों में गायब हो जगता है।
  • Electronic Payment का इस्तेमाल सभी लोग नहीं कर सकते है। इसका उपयोग केवल वही लोग कर सकते है जिन्हे थोड़ी बहुत टेक्निकल जानकारी है।
  • e payment करने के लिए आपके पास Internet, Computer, स्मार्टफोन होना जरुरी है। इनके बिना आप इलेक्ट्रॉनिक भुगतान नहीं कर सकते है।
  • इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के दौरान Internet Server कई बार रुक जाता है जिसकी वजह से हमें वित्तीय लेनदेन करने में काफी समय लग जाता है।
  • E-Payment का इस्तेमाल सिर्फ वही लोग कर सकते है जिनके पास E-Payment की सुविधा उपलब्ध है। जैसे (Debit card, Credit Card, UPI, BHIM, Net Banking आदि) जिनके पास यह सुविधा नहीं है वो लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते है।

निष्कर्ष: Electronic Payment क्या है?

दोस्तों, उम्मीद है की मैंने आपको e-Payment क्या हैं? e-Payment System के प्रकार क्या है? के बारे में पूरी जानकारी दी है। और उम्मीद करता हु की Electronic Payment Process और लाभ (Advantage) और नुकसान (Disadvantage) आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा।

आपको कैसी लगी हमारी पोस्ट e-Payment क्या हैं? | e-Payment System के लाभ और हानि क्या है?| पूरी जानकारी हमें कमेंट बॉक्स में Comment करके जरूर बताये। इसके अलावा आपके मन में कोई सवाल है तो आप comment box में पूछ सकते है। मै पूरी कोशिश करूँगा आपके सवालो का जवाब देने की।

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